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वास्तु शास्त्र क्या है आइए जानते है इसके बारे मे थोड़ा
मनुष्य जीवन के चारो पुरुर्षाथ जो धर्म-अर्थ काम मोक्ष यह कहे जाते हैं उसकी प्राप्ती इस शास्त्र के माध्यम से हो सकती हैं इसे जीवन का फल प्राप्ती कारक भी कहा ज्या सकता है। विदवान लोग इस शास्त्र को बहुत पसंद करते हैं सुखो की प्राप्ती के लिये इसका उपयोग करते हैं
शिल्पशास्त्र के बिना इस ब्रम्हांड मे तीनो लोको मे कुछ भी नही हैं श्री विश्वकर्मा जी जो इस वास्तु शास्त्र के रचयिता है वह समस्त मानव तथा प्राणी यो को बहुत ही आसानी से समझाते हैं उनका केहना है की यदी आप वास्तुशास्त्र के सिध्दन्तो को अच्छी तरह से समझ या जान लेते हैं, इसमे छीपे जीवनावश्यक परीपूर्ण ज्ञान को प्राप्त करते है तो हमें इस धरती पर स्वर्ग की प्राप्ती होना निश्चित हैं। घरमे ही हम स्वर्ग मे मिलने वाले सुखो को अनुभव कर सकते हैं
विश्वकर्मा जी का कहना हैं इस शास्त्र का उपयोग करके कोइ भी मनुष्य अपनी समस्याओं का समाधान कर सकता हूँ सुख, शांती, समृध्दी सुदर स्वास्थ आदि हर प्रकारका लाभ मिल सकता हैं. इस ज्ञान के कारण ही मनुष्य को देहीक एव आत्मीक सुरक्षा की प्राप्ति होती हैं. मनुष्य तो सभी प्रकार की सुखो के लिये सदियों से प्रयास करता आ रहा है इसे अपना कर वह अपने लक्ष की प्राप्ती कर सकता हैं. ब्रम्हांड में इस शास्त्र की उपस्थिती सबसे अधिक मूल्यावान है